लखनऊ। काकोरी के इब्राहिमगंज गांव निवासी बुजुर्ग शांति देवी (65) की हत्या के मामले में पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। अब विसरा रिपोर्ट आने पर मौत की वजह पता चल सकेगी। लंबी पूछताछ के बाद नामजद आरोपी बहू शालिनी को छोड़ दिया गया है।
इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि रविवार शाम को शांति देवी का शव घरवालों को सौंपा गया। घरवालों ने उसी जगह शव फिर से दफना दिया, जहां से शनिवार को निकाला गया था। बहू शालिनी को लंबी पूछताछ के बाद बंथरा लालखेड़ा निवासी मायके वालों के हवाले कर दिया गया। केस में शालिनी की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस कुछ और साक्ष्य जुटा रही है। साक्ष्य एकत्र होने पर जल्द शालिनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नामजद आरोपी करन की तलाश में उन्नाव में दबिश दी। वह वहां नहीं मिला, सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
यह है पूरी घटना
इब्राहिमगंज गांव निवासी मनोज रावत की पत्नी शालिनी रावत का भांजे से प्रेम प्रसंग था। इसमें सास शांति देवी बाधा थीं। 5 अप्रैल को शालिनी ने रोटी में जहर मिलाकर दिए, जिससे 6 अप्रैल को शांति देवी की मौत हो गई। घरवालों ने शव खेत में दफना दिया था। रिश्ते के भांजे किशोर ने जहर देने का खुलासा किया, जिसके बाद शालिनी ने पूछताछ में घटना स्वीकार की। पुलिस ने शालिनी और भांजे करन पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।