प्रदेश के कर्मचारियों ने सरकार से सचिवालय के सहायक समीक्षा अधिकारियों की तरह ग्रेड पे बढ़ाने की मांग की है।
इसके अलावा राज्य कर्मचारियों ने रिजवी कमेटी की संस्तुतियों के अनुसार भत्ता देने, एसीपी व मृतक आश्रित नियमावली में संशोधन की भी मांग रखी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य कर्मियों को पीजीआई में इलाज की नि:शुल्क सुविधा देने पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की भी मांग की गई है।
अब प्रमुख सचिव कार्मिक कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के साथ इस संबंध में विचार के लिए 17 अक्टूबर को बैठक करेंगे।
दरअसल, पिछले दिनों शासन ने सचिवालय के सहायक समीक्षा अधिकारियों का ग्रेड पे- 4200 से बढ़ाकर 4600 कर दिया था। इसके बाद से ही सचिवालय के अन्य कर्मी भी अपना ग्रेड पे बढ़ाने को लेकर आंदोलित हैं।
इसके बाद कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से मिलकर राज्य कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गों को सहायक समीक्षा अधिकारियों की तरह ग्रेड पे बढ़ाने की मांग की थी।
इसमें एकाउंट, आडिट, ट्रेजरी, मेडिकल व उच्च शिक्षा आदि विभागों के कर्मचारी आते हैं। बताते चलें वित्त विभाग ने सहायक समीक्षा अधिकारियों का ग्रेड पे बढ़ाने के प्रस्ताव पर पहले आपत्ति जताई थी लेकिन बाद में कर्मचारियों के दबाव में शासन को मांगों पर सहमत होना पड़ा था।
इसके बाद से ही सचिवालय में अन्य कर्मियों ने ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। यह आंदोलन करीब एक महीने से चल रहा है। अब राज्य कर्मचारियों ने भी ग्रेड पे बढ़ाने की मांग बुलंद कर दी है। इससे सरकार के सामने एक और चुनौती आ गई है।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्र ने बताया कि मुख्य सचिव से एसीपी व मृतक आश्रित नियमावली में संशोधन, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का पदोन्नति कोटा बढ़ाने, रिजवी कमेटी की संस्तुतियों के अनुसार राज्य कर्मियों व शिक्षकों को भत्ता देने जैसी मांगों पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने इस पर तेजी से कार्यवाही का आश्वासन दिया है। मिश्र ने बताया कि इन मांगों के संदर्भ में अब प्रमुख सचिव कार्मिक राजीव कुमार ने 17 अक्टूबर को शाम साढ़े चार बजे बैठक बुलाई है। इसमें मोर्चा के अलावा वित्त विभाग के भी अधिकारी उपस्थित रहेंगे।