प्रदेश सरकार ने कोविड-19, संचारी रोग नियंत्रण, स्वच्छता अभियान व पेयजल आदि की व्यवस्था के लिए नए सिरे से नोडल अधिकारियों की तैनाती की है। खास बात ये है कि इस बार सरकार ने अपर मुख्य सचिव गृह, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा वित सहित चुनिंदा अधिकारियों को छोड़ सभी को मैदान में उतार दिया है।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इन अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने आवंटित जिले में प्रतिदिन फोन पर जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर तय नौ बिंदुओं की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में दो दिन जिलों का भ्रमण करेंगे।
उन्होंने नोडल अधिकारियों से कहा है कि वे अपने आवंटित जिले की प्रतिदिन आख्या अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज, अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन व मुख्य सचिव को उपलब्ध कराएंगे। नोडल अधिकारियों के भ्रमण के दौरान प्रवास, वाहन, सुरक्षा व आवश्यक लिपिकीय सहयोग जैसी समस्त व्यवस्थाएं जिलाधिकारी उपलब्ध कराएंगे।
गोंडा में आलोक सिन्हा को मिली जिम्मेदारी
जिला नोडल अधिकारी का नाम
गोंडा आलोक सिन्हा, कृषि उत्पादन आयुक्त
बलरामपुर महेंद्र कुमार, मंडलायुक्त देवीपाटन
श्रावस्ती आमोद कुमार, प्रमुख सचिव नियोजन
बहराइच अनीता सिंह, प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
अयोध्या टी. वेंकटेश, अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन
अंबेडकरनगर महेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मंडलायुक्त अयोध्या
बाराबंकी एस. राधा चौहान, अपर मुख्य सचिव व्यावसायिक एवं प्राविधिक शिक्षा
सुल्तानपुर रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं बेसिक शिक्षा
अमेठी मोनिका सहगल गर्ग, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा
लखनऊ प्रशांत त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव आयुष
रायबरेली आलोक टंडन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त
सीतापुर मिनिस्ती एस. आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
कप्तानों के कामकाज के मूल्यांकन को फिर से भेजे जाएंगे नोडल अधिकारी
प्रदेश में अपराध की समीक्षा और पुलिस महकमे की खामियां पता करने के लिए एक बार फिर जिलों में डीआईजी से लेकर डीजी स्तर तक के अधिकारियों को भेजा जा रहा है। यह अधिकारी दो दिन के लिए जिलों में जाएंगे और फिर वापस आकर अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपेंगे। यह सब पता करने के लिए डीजी रैंक के 12 अफसर, एडीजी रैंक के 36 अफसर, आईजी रैंक के 22 अफसर और डीआईजी रैंक के 6 अफसरों को शामिल किया गया है।
नोडल अफसरों से 11 बिंदुओं पर पुलिस अधिकारियों, थानाध्यक्षों के कामों पर रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें सामाजिक समीकरण एवं शासनादेश को देखते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की थाना स्तर पर तैनाती की समीक्षा किया जाना, थानाध्यक्ष और अन्य कर्मचारियों के निर्धारित अवधि के बाद भी नियम के खिलाफ तैनाती की समीक्षा किया जाना शामिल है। इसके अलावा जिलों में सक्षम अधिकारी से अनुमोदित सूची के अनुसार थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है या नहीं?
खराब छवि वाले थानाध्यक्ष व थाना स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा करने, जिले में बनाई गई जिला स्तर, नगर और ग्रामीण क्षेत्र के थानों के टॉप टेन अपराधियों की सूची की समीक्षा करने, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई में जब्त की गई संपत्ति के विवरण एकत्र करने और उसका आंकलन पेश करने को कहा गया है।
यह भी पता करेंगे नोडल अधिकारी नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि महिलाओं के खिलाफ घटित अपराधों एवं पास्को एक्ट के तहत पंजीकृत अपराधों की विवेचना, ट्रायल और निरोधात्मक कार्रवाई की समीक्षा करना, जिला कमेटी की बैठक में इन अभियोगों के बारे में चर्चा नियमित रूप से हो रही है या नहीं? नोडल अधिकारी यह भी पता करेंगे कि कोविड-19 के तहत बनाए गए कंटेनमेंट जोन के संबंध में शासन से दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं?
प्रमुख जिलों के नोडल अधिकारी
लखनऊ कमिश्नरेट डीएस चौहान, डीजी इंटेलीजेंस
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट संजय सिंघल, एडीजी रेलवे
आगरा आनंद कुमार, डीजी जेल
मेरठ संदीप सालुंके, एडीजी तकनीकी सेवा
बरेली अभय कुमार प्रसाद, एडीजी ईओडब्ल्यू
कानपुर नगर बीपी जोगदंड, एडीजी पुलिस मुख्यालय
प्रयागराज पीवी रामाशास्त्री, एडीजी विजिलेंस
वाराणसी दिपेश जुनेजा, एडीजी कार्मिक
गोरखपुर ध्रुवकांत ठाकुर, एडीजी एटीएस
लखनऊ ग्रामीण अनिल कुमार राय, आईजी पीएसी मुख्यालय