याचिका में याची की सुरक्षा बरकरार रख जाने के साथ ही राजा भैया के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने का मुद्दा उठाया गया था। अदाल ने इस मामले में पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि सरकारी अधिवक्ता सक्षम प्राधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर यह बताएं कि निर्धारित अवधि में याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
कोर्ट ने कहा जवाब असंतोषजनक होने पर अदालत अवमाना का संज्ञान लेगी। याचिका में उठाए गए मुद्दे पर अदालत ने कहा कि अगर आरोपी रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमें सरकार के इशारे पर वापस लिए गए हैं तो इसका कारण स्पष्ट किया जाए। अदालत ने इस बिन्दु पर भी कहा कि अगर संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता है तो अदालत इसका भी स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रकरण का परीक्षण करेगी। अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों को नरमी के साथ वापस लिए जाने के मामले का परीक्षण किए जाने की जरूरत है।