- 85 मामलों की सूचना मिली। - 04 लोगों ने आग लगाई। - 02 महिलाओं की मौत हुई। - 110 लोगों की जान बचाई।
ये इंतजाम किए गए
-18 टीमें पुलिस की तैनात। - 50 कंबल। -15 अग्निशमन उपकरण। - 04 दोपहिया वाहन।
- 03 चार पहिया वाहन। - 01 अग्निशमन वाहन।
- 01 एंबुलेंस वाहन।
यातायात पर पूरी तरह या वीकेंड पर प्रतिबंध का विचार
विधानसभा भवन और लोक भवन के सामने सामान्य यातायात प्रतिबंधित करने की संभावनाओं पर विचार हो रहा है। पुलिस अफसरों ने बताया कि हजरतगंज चौराहे से बापू भवन चौराहे तक के रास्ते पर ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य सवारी वाहनों पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, ऐसा करने पर हजरतगंज के अन्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से जाम लगेगा। अगर यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी तो सिर्फ वीकेंड को उक्त रास्ते पर यातायात पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि शनिवार और रविवार को अधिकतर सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं, जिससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम रहता है।
आत्मदाह की घटनाओं पर नियंत्रण न पाने की वजह विधानसभा और लोक भवन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों तक पुलिस की पहुंच न हो पाना भी है। विस भवन और लोक भवन में जो कैमरे लगे हैं, वह विधानसभा सुरक्षा का हिस्सा हैं। इनका संचालन व निगरानी विधानसभा सुरक्षा में तैनात स्टाफ ही करता है।
पूरा इलाका अति सुरक्षित व अति संवेदनशील जोन में आता है, इसलिए स्थानीय पुलिस को यहां कैमरे लगाने की अनुमति नहीं है। इससे वह आने-जाने वालों की सही तरह से निगरानी नहीं कर पाती। अधिकारियों का कहना है कि कैमरे लगवाने की अनुमति मिल जाए तो निगरानी दुरुस्त हो जाएगी।
सामाजिक पहलुओं पर अध्ययन कराएगी पुलिस
विधानसभा भवन या सरकार के महत्वपूर्ण आवासीय व कार्यस्थलों के आसपास आत्मदाह के प्रयास की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं? इनके पीछे क्या वजह है? इसका सामाजिक पहलू क्या है? ऐसे बिंदुओं पर पुलिस अध्ययन कराने पर विचार कर रही है। इसके लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज या लविवि के समाजशास्त्र विभाग के शोध छात्र-छात्राओं से संपर्क किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट आत्मदाह रोकने के प्रयासों में शामिल की जाएगी।