रेल यात्रा के दौरान फास्ट फूड या पसंदीदा खाने का मन है, तो अब आईआरसीटीसी इस ख्वाहिश को भी पूरी करेगा। स्टेशन बेस्ड ई-कैटरिंग सर्विस में नामी रेस्टोरेंट के अलावा केएफसी, मैक डॉनल्ड्स, सब-वे और डॉमिनोस का भी खाना उपलब्ध होगा।
राजधानी समेत देश के 45 प्रमुख स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई इस सेवा में रेलवे बोर्ड ने ऐसी तमाम प्रमुख कंपनियों के नाम शामिल करने के निर्देश दिए हैं। यह पालयट प्रोजेक्ट 31 मार्च तक चलेगा।
इस वर्ष रेल बजट में स्टेशन बेस्ड ई-कैटरिंग सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई थी। मगर इसे धरातल में आने में छह माह लगा। रेलवे बोर्ड के निदेशक (टूरिज्म एंड कैटरिंग) केपी यादव की मानें तो यह सुविधा चलती गाड़ी में उपलब्ध नहीं होगी।
इसके लिए पूर्व में ही यात्री को एसएमएस, फोन नंबर, वेबसाइट के जरिये बुकिंग करानी होगी। बोर्ड ने इस सुविधा के लिए एप्लिकेशन भी लॉन्च करने को कहा है। ऑर्डर करने से पहले डिलीवरी टाइम से संबंधित विकल्प दिए जाएंगे। साथ ही जिस स्टेशन पर खाने के पार्सल की डिलीवरी लेनी है, उसका चयन भी करना होगा।
कैश ऑन डिलीवरी सुविधा
यात्रियों के पास विकल्प होगा कि वे खाने के ऑर्डर का पैसा पहले दें या फिर खाना पहुंचने पर कैश ऑन डिलीवरी सुविधा अपनाएं। ऑर्डर की इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंटेड रसीद दी जाएगी।
साथ ही ऑर्डर कैंसिल करने का भी विकल्प दिया जाएगा। सभी उत्पाद बाजार मूल्य पर उपलब्ध होंगे और सभी प्रकार के टैक्स जोड़कर दाम लिया जाएगा।
बोर्ड ने जिन कंपनियों के उत्पादों को शामिल करने के लिए आईआरसीटीसी को कहा है उसमें केएफसी, मैकडॉनल्ड, हल्दीराम, बीकानेरवाला, निरूलाज, सागर रत्ना, वैंग्स किचन, सर्वना भवन, सब-वे, डॉमिनोस, पिज्जा हट, कैलॉग्स सरीखे नाम हैं।
इसके अलावा आईआरसीटीसी को अपने स्तर से उन फूड चेन या रेस्टोरेंट को शामिल करने के लिए छूट दी गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपने खाने के लिए मशहूर हैं।