एलडीए बोर्ड की 22 फरवरी को होने वाली मीटिंग में मैकेनिकल पार्किंग के लिए जमा की जाने वाली बैंक गारंटी को अब पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है।
इस प्रस्ताव के पास होने की दशा में बिल्डरों को काफी लाभ होने की उम्मीद है। उन पर इस बात की कोई बाध्यता नहीं होगी कि वे पार्किंग बनाएं या नहीं।
प्राधिकरण की अवैध निर्माण विरोधी दस्ते की क्लीन चिट पर बिना पार्किंग के भी इमारतों को कंप्लीशन दे दिया जाएगा।
इसके अलावा विकास शुल्क की नई नीति, गोमती नगर में बांध निर्माण का प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा जाएगा। प्राधिकरण का 1100 करोड़ रुपये का बजट भी प्राधिकरण बोर्ड की मीटिंग में रखा जाएगा।
माफ करेंगे बिल्डरों की प्रतिभूति धनराशि
मानचित्र स्वीकृति के समय मैकेनाइज्ड पार्किंग स्थल सुनिश्चित किए जाने के लिए शपथ पत्र के साथ जमा कराए जाने वाली प्रतिभूति धनराशि को खत्म करने प्रस्ताव लाया जा रहा है।
जिसमें मैकेनाइज्ड पार्किंग के लिए लिया जाने वाला बैंक एफडीआर जो कि अब 1.15 लाख रुपये प्रति पार्किंग है, उसको नहीं लिया जाएगा।
पिछली बोर्ड मीटिंग में इसको कम करने का प्रस्ताव लाया गया था। मगर तब एक कमेटी बना कर अगली बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव रखने का फैसला किया गया था।
विकास शुल्क की नीति को मिलेगी मंजूरी
आवास विभाग ने डवलपमेंट चार्ज के वे बहुप्रतीक्षित नियम बना दिए हैं, जिनके जरिए विकास प्राधिकरण विकास शुल्कों की वसूली कर सकेंगे।
विकास शुल्कों की नीति में एकरूपता लाने के लिए प्राधिकरणों के सर्किल रेट के हिसाब विकास शुल्क की दर तय होगी।
इसमें जितने कम वर्ग मीटर का मानचित्र पास करवाया जाएगा, उतना अधिक विकास शुल्क की दर होगी। जबकि, 2000 वर्ग मीटर से ऊपर जाते ही विकास शुल्क की दर घटती जाएगी।
विकास शुल्क के नाम पर जो भी धन प्राधिकरण को मिलेगा, उसके लिए एक डवलपमेंट फंड का एक बैंक एकाउंट बनाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी कॉस्ट इंडैक्स (निर्माण लागत वृद्धि) के आधार पर प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल को नई दर लागू की जाएगी। बोर्ड इस नीति को अंगीकार कर लेगा।