केंद्रीय विवि में अब पेरेंट-टीचर मीटिंग
बीबीएयू में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के तहत कदम, 15 नवंबर से होगी शुरुआत
अभिभावकों से दस बिंदुओं वाला एक फीडबैक फॉर्म भी भरवाया जाएगा
अक्षय कुमार
आपने स्कूलों में पेरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) तो सुनी होगी, लेकिन अब केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी पीटीएम का आयोजन होगा। यह शुरूआत बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद 15 नवंबर से डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस से इसकी शुरूआत होगी। इसके अतिरिक्त एक अन्य कवायद में विश्वविद्यालय अभिभावकों से एक फीडबैक फॉर्म भी भरवाएगा, जिसमें उनसे 10 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी।
विवि प्रशासन शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने की कवायद में जुटा है। शिक्षकों पर नियमित क्लास लेने और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में तय हुआ कि विभागों में पीटीएम का आयोजन किया जाए। अभी विवि प्रशासन दीक्षांत समारोह की तैयारियों में व्यस्त है। इसलिए दीक्षांत के बाद इसकी शुरूआत की जाएगी। इस क्रम में डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि एमसीए, एमसीए इवनिंग व एमटेक की पीटीएम 15 नवंबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक स्मार्ट क्लास रूम में आयोजित होगी। इसमें सभी अभिभावक शामिल हों।
एमसीए के सभी सेमेस्टर की पीटीएम सुबह 11 से दोपहर 12.30 बजे तक, एमसीए इवनिंग की दोपहर 12.30 बजे से 1.30 बजे तक, एमटेक में 2.30 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। इसमें विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस पर चर्चा होगी। विभाग द्वारा आयोजित की जा रही गतिविधियों से अभिभावकों को जागरूक करना। विद्यार्थियों के कॅरिअर, शोध आदि क्षेत्र में बेहतरी के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे। इसी क्रम में जल्द ही अन्य विभाग भी अपने यहां पीटीएम का कार्यक्रम जारी करेंगे। ताकि इस पर और बेहतर काम किया जा सके।
भेदभाव रहित शिक्षा, सुविधाओं पर लेंगे सुझाव
एक अन्य कवायद में विवि ने सभी विभागाध्यक्षों को एक 10 बिंदुओं वाला फीडबैक प्रपत्र भेजा है, जिसमें सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों से विवि की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं, छात्रों के समावेशी विकास, कॅरिअर डवलपमेंट, छात्रों की शिकायतों के निवारण, शैक्षणिक कैलेंडर के अनुपालन, भेदभाव रहित शिक्षा, विश्वविद्यालय द्वारा लिए जाने वाले शुल्क, पुस्तकालय की व्यवस्था, विवि के माहौल पर फीडबैक लेना है। इसमें छात्र-अभिभावक के नाम, मोबाइल नंबर आदि भी लिखा होगा। यह फीडबैक फॉर्म वापस जमा करना होगा।
नैक के तहत भी है जरूरी
विवि प्रशासन अभिभावकों से फीडबैक और उनके सुझाव लेने की कवायद यूं ही नहीं कर रहा है। जानकारी के अनुसार अगले साल विवि नैक व एनआईआरएफ के लिए आवेदन करने जा रहा है। इसके तहत विवि के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) की ओर से यह कवायद की जा रही है। इसका प्रयोग उक्त आवेदन में भी किया जाएगा।
हमें बेहतर बनाने में मददगार होंगे फीडबैक
विद्यार्थियों की प्रगति, विश्वविद्यालय के योगदान व अभिभावकों की अपेक्षाएं जानने का बेहतर तरीका पीटीएम है। इससे यह भी पता चलेगा कि अभिभावक विश्वविद्यालय से कितने संतुष्ट हैं। उनके फीडबैक से हम और बेहतर करने का प्रयास करेें। इससे हमारे अच्छे संबंध भी विकसित होंगे।
- डॉ. रचना गंगवार, पीआरओ, बीबीएयू