बाघ की तलाश में मंगलवार सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक जंबो सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कोई ताजा सुराग नहीं मिला। दो हाथी, तीन ट्रैंकुलाइजर गन और 10 टीमों ने गलौली, गढ़ी सिलौली के जंगलों, शंकर पुर सहा, कुर्मिनखेड़ा के इलाकों व जंगल के चप्पे में कांबिंग की।
हालांकि, टीम को सिर्फ टाइगर के लगभग 72 घंटे पुराने वो ही पग चिह्न मिले, जो उसने रविवार को तीन किमी. की दूरी तक खोजे थे। टीम कयास लगा रही है कि हो सकता है कि टाइगर ने गंगा के किनारे के जंगलों का रुख किया है।
इसको लेकर टीम की दो यूनिटों ने करीब 10 किमी से अधिक के इलाके वाले जंगलों में भी कांबिंग की। लेकिन उन्हें पुराने पगचिह्न ही मिले। मंगलवार को भी टीम पडडा बांधकर और पिंजरे में बचे शिकार को रखकर वापस लौटी।