लखनऊ विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में संचालित एलएलबी थ्री इयर कोर्स में भी आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था लागू होगी। अभी तक एलएलबी फाइव इयर में ही आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था है। इसमें 100 नंबर के प्रत्येक पेपर में 20 नंबर क्लास की गतिविधियों और टेस्ट के आधार पर दिए जाते हैं। बाकी नंबर लिखित परीक्षा के होते हैं।
अब यही व्यवस्था थ्री इयर में भी लागू करने की तैयारी है। एलएलबी थ्री इयर में विद्यार्थियों के लिए इसके साथ ही कई अन्य व्यवस्थाएं भी शुरू की जा रही हैं। विवि ने सेमेस्टर प्रणाली में सभी पाठ्यक्रमों में इंटरनल नंबर देने की व्यवस्था लागू की है।
इसका सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ोत्तरी और क्लास में उनकी गतिविधि बढ़ने के रूप में सामने आया है। विधि संकाय में एलएलबी ऑनर्स में दो साल पहले इंटरनल नंबर देने की व्यवस्था लागू की गई है। अब यही व्यवस्था थ्री इयर में भी लागू की जा रही है।
एलएलबी थ्री इयर में इस समय 220 सीटें हैं। इसके अलावा महाविद्यालयों में एलएलबी थ्री इयर के विद्यार्थी इस तरह से एक साथ करीब चार हजार विद्यार्थियों की आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था लागू है।
विवि प्रशासन इसलिए आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था को ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है। इससे कम समय और पारदर्शिता के साथ आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था लागू हो सकेगा।
कोर्ट की प्रैक्टिस के लिए विशेष सेक्शन
लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : amar ujala
विधि संकाय के डीन प्रो. सीपी सिंह ने बताया कि जो विद्यार्थी डिग्री के बाद अपनी प्रैक्टिस शुरू करना चाहते हैं, उनका एक विशेष सेक्शन बनाया गया है। ये विद्यार्थी इस सेक्शन में चार दिन क्लास करेंगे। इसके बाद दो दिन के लिए ये किसी वकील के साथ कोर्ट भेेजे जाएंगे। यह व्यवस्था अंतिम वर्ष में लागू होगी। विद्यार्थी को एक सेमेस्टर में सिविल और एक सेमेस्टर में फौजदारी न्यायालय की व्यवस्था देखने को मिलेगी। हर शनिवार को विद्यार्थियों को किसी बड़े वकील की कक्षा करने का मौका मिलेगा। परिसर में विद्यार्थियों को सिर्फ तीन घंटे कक्षा करने का मौका नहीं मिलेगा। इसके बाद उन्हें मूट कोर्ट और डिस्कशन आदि का मौका भी दिया जाएगा।
सुपर-50 को कराई जाएगी पीसीएस-जे की तैयारी
डीन के अनुसार, संकाय में काफी विद्यार्थी ऐसे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं है। इसलिए उनके लिए पीसीएस-जे की तैयारी के लिए निशुल्क क्लास शुरू की जाएंगी। इन्हें रोजाना अलग से क्लास कराई जाएगी। संकाय में विद्यार्थियों की अंग्रेजी सुधारने के लिए भी विशेष कक्षाएं शुरू करने की योजना है।
ताकि शीर्ष संस्थानों में हो शुमार
विधि संकाय के सभी शिक्षक, संस्थान को शीर्ष पर पहुंचाना चाहते हैं। इसके लिए हम लोगों ने कार्ययोजना तैयार की है। जल्द ही यह कार्ययोजना लागू होगी। इसके बाद देश के शीर्ष संस्थानों में लविवि के विधि संकाय का नाम जरूर होगा। - प्रो. सीपी सिंह, संकायाध्यक्ष, विधि संकाय,