केजीएमयू की ओपीडी अब पुराने तरीके से चलेगी। नये आदेश के तहत सुपर स्पेशिएलिटी श्रेणी में रोज 200 पुराने रोगी देखे जाएंगे। इनमें 100 का पंजीकरण ऑनलाइन और 100 का ऑफ लाइन होगा।
इनके पास केजीएमयू का पुराना पर्चा होना जरूरी होगा। ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। कोई भी लक्षण दिखने पर जांच कराई जाएगी। तीमारदार का कोविड टेस्ट जरूरी नहीं होगा।
मालूम हो कि लॉकडाउन से पहले किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में रोजाना 8-10 हजार मरीज आते थे। गत वर्ष मार्च में कोरोना फैलने पर लॉकडाउन लगा तो ओपीडी बंद कर दी गई थी।
हालांकि कॉर्डियोलॉजी, मेडिसिन, कैंसर, स्त्री एवं प्रसूति रोग समेत कुछ विभागों की ओपीडी चलती रही। अब कोरोना संक्रमण कम होने पर ओपीडी पहले की तरह बहाल हो रही हैं।
केजीएमयू प्रशासन ने ओपीडी के नियमों में कुछ बदलाव किया है। अब मरीज सुबह 8:30 से 12 बजे ऑफ लाइन पंजीकरण करा सकेंगे।
सुपर स्पेशिएलिटी विभागों में बिना रेफ रेंस मरीज नहीं देखे जाएंगे, मगर हर सुपर स्पेशियलिटी विभाग में 50 नए मरीज देखने का आदेश जारी किया गया है।
उनका पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफ लाइन तरीके से किया जाएगा। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि यदि ऑनलाइन पंजीकरण कम रहे तो ओपीडी में मौजूद मरीजों का ऑफ लाइन पंजीकरण कराया जाएगा।