लखनऊ। केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस मामले में जल्द ही दो सिस्टर इंचार्ज पर कार्रवाई हो सकती है। उपकुलसचिव प्रो. पवित्र रस्तोगी ने दोनों को नोटिस देकर तीन कार्य दिवस में जवाब मांगा है।
विभाग की जांच में पता चला कि जरूरी सामान और दवाइयां एचआरएफ स्टोर के बजाय बाहर से खरीदी जा रही थीं। सिस्टर इंचार्ज कंचन सिंह और सविता देवी को इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रो. पवित्र रस्तोगी के अनुसार, संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, कुलपति ने विभाग में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए 2025 संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई थी। इस एसओपी के तहत वार्ड की प्रभारी सिस्टर को संबंधित रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना था कि ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली सभी वस्तुओं की खरीद एचआरएफ स्टोर से ही की जाए। किसी कारणवश बाहर से खरीद करनी पड़े तो स्रोत का सत्यापन शल्य प्रक्रिया से पहले करना था, मगर इस एसओपी का पालन नहीं किया गया।