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यूपी: स्टाप बिलिंग में चल रहे खेल पर पावर कॉर्पोरेशन सख्त, उदासीन तीन दर्जन एक्सईएन को नोटिस

Thu, 02 Dec 2021 05:34 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

पावर कॉर्पोरेशन स्टाप बिलिंग की आड़ में चल रहे खेल पर सख्त हो गया है। बिजली कंपनियों को इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन स्टाप बिलिंग (स्थायी विच्छेदन की प्रक्रिया पूरी होने तक बिलिंग न किए जाने) की आड़ में चल रहे खेल पर सख्त हो गया है। प्रबंधन के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें स्टॉप बिलिंग के बावजूद कनेक्शन चलते पाए गए हैं।

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स्टॉप बिलिंग के मामले में उदासीन ऐसे तीन दर्जन से ज्यादा अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सभी बिजली कंपनियों को कार्ययोजना बनाकर इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा गया है।

पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली कंपनियों को स्टाप बिलिंग के श्रेणी में रखे गए उपभोक्ताओं के परिसरों का स्थलीय निरीक्षण कराने का निर्देश देते हुए कहा है कि अगर कनेक्शन बंद है तो तत्काल अस्थायी विच्छेदन की कार्यवाही पूरी की जाए और अगर कनेक्शन चलता पाया जाता है तो तुरंत फिर से बिलिंग शुरू की जाए।
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प्रदेश भर में बड़ी संख्या में ऐसे बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्होंने स्थायी रूप से बिजली कटवा ली है। लेकिन इसकी औपचारिकता पूरी न होने से इन्हें स्टॉप बिलिंग की श्रेणी में डालकर बिलिंग बंद कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार बिजली कंपनियों में डाटा क्लीन के नाम पर लगभग 36 लाख उपभोक्ताओं को स्टॉप बिलिंग की श्रेणी में डाल दिया गया है।

स्टाप बिलिंग की श्रेणी में डाले गए उपभोक्ताओं पर 30 हजार करोड़ रुपये बकाया है। हाल ही में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जब यह मुद्दा उठाया तो पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन सक्रिय हुआ। कॉर्पोरेशन के निर्देश के बाद बिजली कंपनियों ने संबंधित एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी करके स्टॉप बिलिंग के मामले में जवाब तलब किया है। सभी वितरण खंडों को इस माह के अंत तक स्टॉप बिलिंग के मामलों का निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियां स्टॉप बिलिंग के मामलों का निस्तारण कराकर कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये बकाया वसूल सकती हैं। 

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