लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर से मरीज को निजी अस्पताल में शिफ्ट कराकर बंधक बनाए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है।
बलरामपुर के खैरा निवासी सुनील पाल के मुताबिक 26 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर वह पिता राम भिलाव को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से 27 को उन्हें केजीएमयू रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में बेड खाली नहीं मिला। कुछ देर में सुनील के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने कहा कि वह निजी अस्पताल में सस्ते में इलाज करवा देगा। कुछ देर में ट्रॉमा सेंटर के गेट पर पहुंची एंबुलेंस में बैठे व्यक्ति ने कहा कि 24 घंटे में सात हजार रुपये के हिसाब से भुगतान देना होगा। झांसे में आए सुनील पिता को लेकर विभूतिखंड स्थित धनवंतरि अस्पताल पहुंचे।
यहां मरीज को भर्ती करने के कुछ ही घंटे बाद सुनील से 36 हजार रुपये ले लिए गए। इस पर उन्होंने मरीज की छुट्टी करने की बात कही तो डॉक्टर और स्टाफ अभद्रता करने लगे। पुलिस ने पहुंचकर मरीज और तीमारदार को छुड़वाया। सुनील ने मंगलवार को सीएमओ से लिखित शिकायत की। नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने बताया कि जांच में आरोप सही मिले तो कार्रवाई होगी।