यौन शोषण-धर्मांतरण मामला तूल पकड़ने के बाद केजीएमयू में सभी मजारों को हटाने का नोटिस चस्पा किया गया है। 15 दिन का समय दिया गया है। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में स्थित सभी अवैध मजारों को 15 दिन में हटाने का नोटिस जारी किया है। सभी मजारों पर इसका नोटिस चस्पा कर दिया गया है। 15 दिन में मजारें न हटने पर केजीएमयू प्रशासन ने अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि परिसर में स्थित इन अवैध मजारों की वजह से आवागमन बाधित हो रहा है। केजीएमयू पर प्रदेश भर के मरीजों का दबाव है। भीड़ ज्यादा होने से यहां पार्किंग का संकट है, आवागमन की भी समस्या है।
मजार के आसपास काफी अतिक्रमण भी हो रहा है। इसलिए केजीएमयू प्रशासन ने अब इन अवैध मजारों को हटाने का फैसला किया है। इसलिए सभी को 15 दिन में मजार हटाने को कहा गया है। ऐसा न करने पर केजीएमयू प्रशासन इनको हटाएगा। इसमें आने वाले खर्च की भरपाई भी कराई जाएगी।
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धर्मांतरण मामले के बाद बड़ा कदम
केजीएमयू में धर्मांतरण के प्रयास का मामला तूल पकड़ने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने ये कड़ा कदम उठाया है। धर्मांतरण मामले में केजीएमयू और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के बीच काफी तनातनी रह चुकी है। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुका है। इस समय स्पेशल टास्क फोर्स मामले की जांच कर रही है।
डेढ़ साल पहले शुरू हुआ अभियान
प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, डेढ़ साल पहले कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने परिसर की अवैध मजारों और अतिक्रमण हटाने के लिए समिति बनाई थी। समिति अवैध कब्जों को खाली कराने के लिए बराबर प्रयास कर रही है।
तीन स्थल खाली कराए, छह को नोटिस
प्रो. केके सिंह के अनुसार, अब तक केजीएमयू प्रशासन ने तीन अवैध स्थल खाली करा लिए हैं। इनमें नेत्र विभाग के पीछे 20 हजार वर्ग फीट, जगतनारायण रोड पर 70 हजार वर्ग फीट और शताब्दी-2 भवन के पीछे 60 हजार वर्ग फीट जमीन खाली कराई गई, जहां सर्जरी के नए भवन का निर्माण हो रहा है। अब बचे छह स्थलों को खाली कराया जाना है। इनमें क्वीन मेरी के मुख्य गेट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, ट्रॉमा सेंटर परिसर, ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन और टीजी हॉस्टल परिसर की अवैध मजार और अतिक्रमण है।
क्वीन मेरी के विस्तार के आड़े आ रही दुकानों पर सुनवाई 28 को
केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के विस्तार की योजना उसके सामने स्थित दुकानों की वजह से अटकी है। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन और दुकानदारों के बीच मामला न्यायालय में लंबित है। केजीएमयू प्रशासन के अनुसार यह मामला निपटने के बाद क्वीन मेरी का विस्तार हो सकेगा। 28 जनवरी को इस मामले में सुनवाई होनी है।