जीआरपी ने नहीं की सुनवाई
राजेश ने बताया कि इस बीच उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी घंटाघर के पास मौजूद है। उन्होंने फौरन इसकी शिकायत जीआरपी से की। जीआरपी ने अनजान नंबर से कॉल करने वाले से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह कानपुर में है।
इसके बाद जीआरपी ने बिना केस दर्ज किए ही टरका दिया। राजेश के अनुसार, वे लोग बच्ची को तलाशते हुए कानपुर पहुंचे। 20 दिन उन लोगों ने बच्ची को कानपुर में तलाशा पर कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद वे लोग जौनपुर चले गए।
डीसीपी को भेजा पत्र, जौनपुर जाकर पुलिस ने ली तहरीर
बच्ची की मां ने शिकायती पत्र डीसीपी मध्य को डाक के माध्यम से भेजा, जो हुसैनगंज पुलिस को मिला। हुसैनगंज पुलिस की टीम रितिका के घर पहुंची और परिजनों को लेकर लखनऊ आई। हुसैनगंज पुलिस ने 21 जनवरी को रितिका के अपहरण का केस दर्ज किया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि पुलिस की दो टीमें अपहृत बच्ची की तलाश में लगी हैं।