जो मित्र थे वे भी सामने मैदान में..
प्रियंका को न सिर्फ केंद्र व प्रदेश की सत्ताधारी भाजपा जैसी पार्टी से तगड़ी चुनौती मिलेगी बल्कि पिछले विधानसभा चुनाव में ‘दो लड़कों का साथ पसंद है’ के नारे के साथ राहुल से हाथ मिलाकर चुनाव लड़ने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव उनकी राह और भी पथरीली बनाने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ गठबंधन कर सामने मैदान में होंगे। दूसरे राज्यों में भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देने वाली बसपा प्रमुख मायावती उनके खिलाफ आक्रामक तेवर के साथ नजर आएंगी।
70 जिलों में न सांसद न विधायक
कांग्रेस की पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षित तक जमीनी कमजोरी का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि प्रदेश के 75 जिलों में से 70 में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी के हिसाब से बात करें तो पूर्वांचल के रायबरेली, कुशीनगर व प्रतापगढ़ मिलाकर चार, पश्चिम के सहारनपुर जिले से दो और मध्य यूपी में कानपुर से एक विधायक है। अवध व बुंदेलखंड में पार्टी का एक भी विधायक नहीं है। इसी तरह लोकसभा सदस्यों की बात करें तो अवध, बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी में पत्ता साफ है।
कांग्रेस का प्रर्दशन
लोकसभा चुनाव
वर्ष सीटें लड़ी सीटें जीती मत प्रतिशत
2009 80 21 18.25
2014 66 02 7.5
विधानसभा चुनाव
वर्ष सीटें लड़ी सीटें जीती मत प्रतिशत
1991 413 46 17.32
1993 421 28 15.08
1996 126 33 8.35
2002 402 25 8.96
2007 393 22 8.61
2012 355 28 11.65
2017 114 07 6.25