लखनऊ। सांस की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। हवा के जरिये वायरस नाक व मुंह से होता हुआ शरीर में प्रवेश कर रहा है। इसलिए सतर्क रहें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाएं तो मास्क लगाएं। हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। ये बातें पीजीआई के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. रूग्मी एस के मारक ने सोमवार को संस्थान में हुई कार्यशाला में कही।
उन्होंने बताया कि पूर्व में उपलब्ध डाटा की समीक्षा कर एआई से संभावित बीमारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। केजीएमयू की प्रो. अमिता जैन ने कहा कि अगर शरीर में प्लेटलेट्स कम हो और जांच में डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आए तो दूसरे वायरस के संक्रमण की जांच जरूर कराएं, क्योंकि इबोला, मारबर्ग, केएफडी समेत करीब बीस ऐसे वायरस हैं, जो प्लेटलेट्स घटाते हैं।
प्रो. अतुल गर्ग ने वायरस कल्चर से जीन सिक्वेंसिंग के बारे में बताया। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की डॉ. ज्योत्सना अग्रवाल ने बताया कि कई बार शरीर में एक साथ दो वायरस का संक्रमण होता है। इसमें मलेरिया व टाइफाइड सामान्य बीमारी है, जो एक साथ चपेट में लेती हैं। सीसीएम के डॉ. मोहन गुर्जर ने बताया कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को भी वायरस प्रभावित कर सकता है। इसमें सबसे प्रमुख है साइटोमेगालो वायरस।