फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: बीपी ही नहीं, कीटनाशक से भी खराब हो रही किडनी

विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
विज्ञापन
लखनऊ। बीपी ही नहीं, कृषि कार्य में बेतहाशा इस्तेमाल हो रहे कीटनाशक की वजह से भी लोगों की किडनी खराब हो रही हैं। अस्पतालों में आने वाले किडनी के काफी रोगियों में बीपी की समस्या नहीं थी, लेकिन वे कीटनाशक के सीधे संपर्क में थे।
विज्ञापन


डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की डॉ. नम्रता ने बताया कि किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो रक्त को शुद्ध करने और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती है। पिछले कुछ वर्ष से किडनी रोगों के मामले लगातार बढ़े हैं। उच्च रक्तचाप किडनी खराब होने का एक प्रमुख कारण है। अब कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग भी चिंता का विषय बन गया है।
ये रसायन शरीर में प्रवेश कर किडनी को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शुरुआती चरणों में किडनी रोग के लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। इसलिए, 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित जांच अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय पर निदान से उपचार शुरू किया जा सकता है और किडनी को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन


पेशाब और खून की जांच जरूरी

किडनी की कार्यक्षमता जांचने के लिए पेशाब और खून की जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है। बीमारी का जल्दी पता लगने पर जीवनशैली में बदलाव और दवाओं से रोग की प्रगति धीमी की जा सकती है।
विज्ञापन




किडनी खराब होने के प्रमुख कारण

उच्च रक्तचाप (बीपी), कीटनाशक, खराब जीवनशैली, शराब का सेवन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें