- सिर्फ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के इम्पैनलमेंट के लिए आईपीआर अनिवार्य है। पदोन्नति पर इसका असर नहीं पड़ता। जिन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं जाना होता है, वे रुचि नहीं लेते।
- कई अधिकारी यह बहाना बनाते हैं कि आईपीआर भरने की अवधि में शासकीय कार्य से व्यस्त थे, ऑफलाइन भेजा गया है।
- कई यह कहकर बचने की कोशिश करते हैं कि पूर्व में दाखिल आईपीआर के बाद उनकी संपत्ति बढ़ी ही नहीं।
मामले पर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि पदोन्नति के समय एसीआर की अनिवार्यता की व्यवस्था पहले से है। उस पर अमल किया गया है। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए आईपीआर दाखिल करना अनिवार्य है। आगे की पदोन्नतियों में इसका भी संज्ञान लिया जाएगा।