पूर्वोत्तर रेलवे ने लखनऊ सहित तीनों मंडलों की 980 ट्रेनों में डिवाइसें लगाई हैं। इससे कोहरे में उनकी रफ्तार नहीं थमेगी। डेटोनेटर की जरूरत भी लगभग खत्म हो गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने 980 ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाई है। इससे फॉग सिग्नल मैन भेजकर डेटोनेटर (पटाखा) लगाने की जरूरत लगभग खत्म हो गई है। साथ ही ट्रेनों का संचालन कोहरे में बाधित नहीं होगा।
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लखनऊ में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जिन ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाई जा चुकी हैं, उनमें लखनऊ मंडल की 315, इज्जतनगर मंडल की 250 व वाराणसी मंडल की 415 ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा सभी प्रकार के सिग्नल पोस्टों पर चमकदार (ल्यूमिनस) स्ट्रिप लगाई गई हैं। सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग कराई गई हैं। क्रॉसिंग पर लगे बैरियर पर भी चमकदार स्ट्रिप लगाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि कोहरे में सुरक्षित, संरक्षित ट्रेन संचालन में जीपीएस आधारित फॉग डिवाइस अहम योगदान निभाती है। इसके लगने से पहले ट्रेनें कोहरे में अधिकतम 60 किमी प्रति घंटे से दौड़ पाती थीं, लेकिन डिवाइस लगने के बाद अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा हो गई है।
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बताया कि डिवाइस के माध्यम से आने वाले सिग्नल की जानकारी लोको पायलटों को पहले ही मिल जाती है। कोहरे के दौरान पूर्ण ब्लॉक पद्धति व ऑटोमेटिक ब्लॉक पद्धति में गाड़ियों के संचालन के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में सभी लोको पायलटों व सहायक लोको पायलटों की काउंसिलिंग भी की गई है।