यूपी के नए सीएम आदित्यनाथ के अवैध स्लॉटर हाउस बंद करने के फरमान के बाद शहर में मीट की सप्लाई बुधवार को पूरी तरह से ठप रही। कमेला (पशुओं की कटाई) पर रोक के बाद बड़े पशुओं के मीट की 200 से 250 दुकानों पर ताले पड़ गए।
जिसका असर लखनऊ की पहचानों में से एक टुंडे कबाबी की दुकान पर भी दिखा। कुरैश वेलफेयर फाउंडेशन के महामंत्री मो. शहाबुद्दीन कुरैशी बताते हैं कि राजधानी में बड़े पशुओं के मीट की खपत रोजाना 20 टन से ज्यादा की है।
एक दिन में मीट का कारोबार करीब 50 लाख रूपये का है। उनका कहना है कि स्लॉटर हाउस सील होने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। मीट की सप्लाई बंद होने का असर नॉनवेज होटलों पर भी पड़ा है।
दुनिया भर में मशहूर टुंडे कवाब की चौक की दुकान बुधवार को बंद रही और गुरुवार को दुकान देर से खोली गई। संचालक अबू बक्र ने बताया कि टुंडे कवाब का स्वाद लेने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। आखिर सरकार पर्यटकों को क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने बताया कि चिकन के कबाब बनाए हैं जबकि लोग बड़े के कबाब पसंद करते हैं।