लोहिया संस्थान में संविदा के आधार पर हो रही 34 चिकित्सकों की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया है। लोहिया संस्थान में प्रांतीय चिकित्सा सेवा के डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद नए सिरे से संविदा के आधार पर सर्जरी, पीडियाट्रिक, फिजियोलॉजी सहित 17 विभागों में 34 डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में बताया गया है कि संविदा के आधार पर हो रही नियुक्ति में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। शासन की ओर से निर्देश है कि संविदा और नियमित हर स्तर की नियुक्ति में आरक्षण का निर्धारण किया जाए, लेकिन 34 पदों को विभागवार बांट कर आरक्षण नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसी तरह साक्षात्कार में संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष को भी शामिल नहीं किया गया है।
राजभवन दे चुका है निर्देश
माहभर पहले सांसद कौशल किशोर ने एसजीपीजीआई में नियुक्ति के मामले में शिकायत की थी। इस पर राजभवन ने एसजीपीजीआई के साथ ही केजीएमयू और लोहिया संस्थान को आरक्षण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा था कि हर तरह की नियुक्ति में आरक्षण का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके बाद भी लोहिया संस्थान प्रशासन मनमानी कर रहा है।
आरक्षण नियमों की अनदेखी नहीं
सभी विभागों में एक से दो पद हैं। आंकलन संस्थानवार न करके विभागवार किया गया है। ऐसे में आरक्षण नियमों की अनदेखी नहीं हुई है। भर्ती प्रक्रिया में जरूरी नहीं है कि संबंधित विभागाध्यक्ष को शामिल किया जाए।
- डॉ. श्रीकेश सिंह, मीडिया प्रभारी लोहिया संस्थान