उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, उप्र में खासतौर से लखनऊ को सूचना प्रौद्योगिकी और उससे जुड़ी सेवाओं का हब बनाया जाएगा। समिट में 55,000 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। इससे प्रदेश के सभी क्षेत्रों का आईटी की दृष्टि से विकास होगा। सरकार युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा निखार रही है।
कहा कि आईटी से सरकार के कामकाज में आमूलचूल परिवर्तन आया है। 1.45 लाख करोड़ के कार्यों के लिए ई-टेंडर हुए हैं। यूपी में 150 करोड़ का निवेश कर गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, बरेली व आगरा में आईटी सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें 15,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
क्या बोले बड़ी कंपनियों के अफसर
सैमसंग इंडिया के दीपक भारद्वाज ने कहा, सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल की डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक यूपी में होता है। हमारी कंपनी नोएडा में रेफ्रिजरेटर प्लांट की क्षमता बढ़ाएगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
महिन्द्रा ग्रुप के सुधीर बक्शी ने कहा, उनकी कंपनी जल्द ही यूपी में आईटी क्षेत्र में बड़ा निवेश करेगी। स्मार्ट स्किल प्रोग्राम पर उनका फोकस है। हमारा समूह गांवों में युवाओं को हेल्थकेयर का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेगा। एचसीएल के संजय गुप्ता ने कहा, विकास के लिए रोजगार सृजन जरूरी है। कौशल विकास के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी देने होंगे। एसटीपीआई के ओंकार राय ने कहा, हम प्रदेश में साफ्टवेयर मूवमेंट को आगे बढ़ाएंगे। इंडिया पीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत यूपी में 8800 सीटों का पीपीओ सृजित किया गया है।