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UP News : छुट्टा गोवंश के लिए आज जिलों में जाएंगे नोडल अधिकारी,निरीक्षण कर आठ अप्रैल को सौपेंगे रिपोर्ट

Wed, 05 Apr 2023 10:19 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए थे कि पशुपालन विभाग शत प्रतिशत छुट्टा गोवंश को गोआश्रय स्थलों में भेजे। 31 मार्च तक यह काम पूरा कर एक अप्रैल को रिपोर्ट पेश करनी थी। पर, पशुपालन विभाग ऐसा नहीं कर पाया।
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विस्तार
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सभी छुट्टा गोवंश को गोआश्रय स्थलों में भेजने के मामले में पशुपालन विभाग को थोड़ी राहत मिल गई है। सीएम ने निर्देश दिए थे कि नोडल अधिकारी पांच अप्रैल तक रिपोर्ट पेश करें कि गो आश्रय स्थलों में कितने गोवंश हैं और अभी कितने बाहर हैं। अब इसके लिए पांच अप्रैल को टीम रवाना होगी, जो अगले तीन दिन तक सभी जिलों में निरीक्षण कर आठ अप्रैल को सर्वे रिपोर्ट पेश करेगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए थे कि पशुपालन विभाग शत प्रतिशत छुट्टा गोवंश को गोआश्रय स्थलों में भेजे। 31 मार्च तक यह काम पूरा कर एक अप्रैल को रिपोर्ट पेश करनी थी। पर, पशुपालन विभाग ऐसा नहीं कर पाया। इससे नाराज सीएम ने कहा था कि तत्काल सभी नोडल अधिकारियों को मंडलों में भेजें और पांच अप्रैल तक पूरी रिपोर्ट पेश करें। अब इसमें थोड़ी राहत दी गई है। यह टीम अब पांच अप्रैल को रवाना होगी। टीम प्रत्येक जिले में गोआश्रय स्थलों का भ्रमण करेगी। पांच से सात अप्रैल तक तीन दिन भ्रमण करने के बाद आठ अप्रैल को इस बाबत रिपोर्ट देनी होगी।

धन देने की है मंशा
यदि गो आश्रय स्थलों में बजट की आवश्यकता होगी तो रिपोर्ट मिलने के एक सप्ताह में ही इसके लिए बजट जारी करने की बात कही जा रही है। सभी गोशालाओं में केयर टेकर रखने को भी कहा गया है। ग्राम समिति या देखभाल करने वाली संस्था को सीधे पैसा उनके खातों में भेजा जाएगा। पशुपालन विभाग का कहना है कि अब तक 11.33 लाख गोवंश 6719 निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा 01 लाख 77 हजार से अधिक गोवंश आम लोगों को दिए गए हैं। कुपोषित बच्चों वाले परिवारों को दूध की उपलब्धता के लिए पोषण मिशन के तहत 3,598 गोवंश दिए गए हैं।
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इन बिंदुओं को देखेंगे नोडल अधिकारी
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने इस बाबत पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र जारी किया है। कहा है कि नोडल अधिकारी अपने आवंटित जिले में ही तीन दिन प्रवास करेंगे। साथ ही पूरे जिले में भ्रमण कर इन बिंदुओं को परखेंगे। अभिलेखों से मिलान करते हुए सत्यापन करेंगे। मुख्य रूप से गोशालाओं में गोवंश की वास्तविक संख्या, सुपुर्दगी में दिए गए गोवंश की संख्या, गोशालाओं में पानी, चारे एवं समुचित पशु चिकित्सीय सुविधाओं की स्थिति, गोशालाओं में पर्याप्त बजट कितना, कोई भुगतान लंबित तो नहीं, ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान यदि कोई छुट्टा पशु सड़क या खेतों में घूमता नजर आए तो उसके कारण एवं संख्या का उल्लेख निर्धारित प्रारूप पर देना होगा।

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