प्रदेश में किसी भी भवन पर मोबाइल टावर लगाने में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) अब अड़चन नहीं डाल पाएंगी। आवास विभाग ने आरडब्ल्यूए से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की बाध्यता खत्म कर दी है। यानी अब उनकी अनुमति के बिना मकानों पर मोबाइल फोन के टावर लगाए जा सकेंगे। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने इस संबंध में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को निर्देश भेज दिया है।
शासनादेश में कहा गया है कि कुछ विकास प्राधिकरण सेल्युलर मोबाइल या बेसिक टेलीफोन सर्विस के लिए टावर लगाने के लिए मिल रहे आवेदन पत्रों के साथ आरडब्ल्यूए का एनओसी मांग रहे हैं। भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत ग्रुप हाउसिंग एवं बहुमंजिले भवनों के लिए आरडब्ल्यूए की अनापत्ति या सहमति पत्र लेने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। लिहाजा टावर लगाने के लिए आवेदन के साथ आरडब्ल्यू की एनओसी की बाध्यता नहीं रह गई है। ऐसे में विकास प्राधिकरणों को अब बिना एनओसी के लिए टावर लगाने की अनुमति देनी होगी।