यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन जबर्दस्त हंगामा हुआ। सदन के शुरु होते ही पूरा हॉल नारों से गूंज उठा।
यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 14 अगस्त को शुरू हुआ था। उस दिन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्घांजलि देने के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया था।
इसके बाद 17 अगस्त को जब सदन शुरू हुआ तो शुरु होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। सभी विपक्षी पार्टी पहले से हंगामे की तैयारी से आईं थीं। सभी पार्टियों के पास हंगामे से जुड़े बैनर और पोस्टर थे।
मुख्य विपक्षी पार्टी बसपा ने कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए हंगमा किया तो वहीं लोकदल के सदस्य अलग राज्य की मांग करते हुए नारेबाजी करते पाए गए।
भाजपा में सरकार के इस विरोध में पीछे नहीं रही। बीजेपी के सदस्यों ने भी वेल में आकर नारेबाजी की। उनका विरोध सपा सरकार की कथित खराब कानून व्यवस्था पर था। हंगामे के विरोध में सत्ताधारी पार्टी के विधायक भी आक्रामक नजर आए।
इधर कांग्रेस के विधायक सदन के अंदर तो हंगामा मचाते ही दिखे सदन के बाहर भी हंगामा करते हुए दिखे। कांग्रेस सोमवार की दोपहर में सरकार के खिलाफ विधानसभा का घेराव करने जा रही है।
हंगामे को बढ़ते देख विधानसभा के साथ विधान परिषद के साथ की कार्यवाही को भी स्थगित कर दिया।