डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट
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प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मंत्री, विधायकों और अधिकारियों को वीआईपी इलाज नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के फैसले के आधार पर ये नियम लागू करने के आदेश दिए हैं।
सचिव स्वास्थ्य वी हेकाली झिमोमी ने शासनादेश में कहा है कि किसी को भी वीआईपी इलाज नहीं मिलेगा। सभी मरीजों के साथ एक समान व्यवहार होगा। यही नहीं, सरकारी कर्मचारी या जो सरकार से किसी तरह का वेतन या लाभ ले रहा है तो ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर उसे किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं देगा।
यदि किसी ऐसी बीमारी का इलाज कराना पड़े, जिसका इलाज सरकारी अस्पताल में नहीं है तो विशेष परिस्थितियों में प्रतिपूर्ति दी जा सकती है। कोर्ट के आदेश की प्रति सभी सीएमएस, सीएमओ और सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों को भेजी गई है।