आयुष्मान कार्डधारक हरदोई निवासी राजेंद्र को हार्ट संबंधी दिक्कत है। उन्होंने केजीएमयू की ओपीडी में दिखाया। चिकित्सक ने सर्जरी के लिए बुलाया। बताया गया कि आयुष्मान का कार्ड होने पर रुपये नहीं जमा करने पड़ेंगे। वह कार्ड लेकर पहुंचे। वार्ड में भर्ती करने के बाद तैयारियां पूरी कर ली गईं। सुबह आठ बजे सर्जरी होने की बात कही गई, लेकिन ऐन वक्त पर पता चला कि अभी तक आयुष्मान मुख्यालय से संस्तुति नहीं मिली है। ऐसे में उनकी सर्जरी अटकी हुई है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि आयुष्मान के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। सर्जरी वाले मरीजों के लिए प्रस्ताव बनाकर आयुष्मान मुख्यालय भेजा जाता है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद सर्जरी होती है। इस केस में क्या दिक्कत है, उसे शनिवार को दिखवाया जाएगा।
पीजीआई के सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल का कहना है कि आयुष्मान के मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था है। काउंटर पर सुनवाई नहीं हो रही है तो मरीज हमारे कार्यालय में बता सकते हैं। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अप्रैल 2018 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है, लेकिन अभी तक योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। लाभार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए ‘अमर उजाला’ ने नए अभियान की शुरुआत की है।
इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उनसे निराकरण की दिशा में काम करना है, जिससे लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। आपकी कोई प्रतिक्रिया या सुझाव हो तो इस नंबर पर संपर्क करें।
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