उत्तर प्रदेश सरकार एक सितंबर के बाद अगले चार महीने से अधिक समय तक लेखपाल से लेकर कलेक्टर तक के तबादले नहीं कर पाएगी। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर तबादलों से जुड़ी कार्यवाही 31 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू ने बताया कि सामान्य लोकसभा चुनाव-2019 के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान एक सितंबर से शुरू होकर चार जनवरी तक चलेगा। इस दौरान पुनरीक्षण से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले नहीं किए जा सकेंगे।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लेखपाल से लेकर राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, उप जिलाधिकारी के साथ बड़ी संख्या में बूथ लेवल अधिकारी लगते हैं। डीएम के निर्देशन में पूरी कार्यवाही होती है। इसलिए अपरिहार्य परिस्थितियों में सरकार आयोग की अनुमति लेकर तबादले कर सकती है।
प्रदेश सरकार ने दिसंबर तक रिक्त हो रहे पदों को ध्यान में रखकर फील्ड के तबादलों की तैयारी शुरू कर दी है। संकेत है कि जल्द ही कुछ डीएम सहित बड़ी संख्या में पीसीएस अफसरों के तबादले हो सकते हैं।