आवेदकों को अभी लर्निंग डीएल के एक्सपायर होने पर दोबारा बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन एवं जमा फीस की रसीद भी पेश करनी पड़ती है। लर्निंग डीएल का आवेदक टेस्ट में फेल हो गया तो दोबारा टेस्ट देने के लिए उसको फिर से 50 रुपये टेस्ट फीस चुकानी पड़ती है। लेकिन पहली बार लर्निंग का आवेदन करने पर 350 रुपये फीस जमा करनी होती है। आवेदक को सिर्फ अब लर्निंग डीएल एक्सपायर होने पर दोबारा टेस्ट नहीं देना होगा।
15 फीसदी लर्निंग डीएल हो जाते हैं एक्सपायर
परिवहन विभाग मुख्यालय के मुताबिक जितने लर्निंग डीएल बनते हैं, उनमें से करीब 15 फीसदी परमानेंट होने से पहले एक्सपायर हो जाते हैं। ऐसे आवेदकों को जानकारी के अभाव में लर्निंग डीएल के लिए दोबारा टेस्ट देना पड़ता है।
परिवहन विभाग के संभाग निरीक्षक सर्वेश चतुर्वेदी (लखनऊ) ने बताया कि आवेदकों को परमानेंट डीएल बनवाने के लिए टेस्ट के तीन मौके मिलते हैं। पहले टेस्ट में फेल हो गए तो दूसरे टेस्ट के लिए 600 रुपये फीस जमा करनी पड़ेगी।
इसमें 300 रुपये की फीस दोपहिया एवं 300 चारपहिया (कार) की शामिल है। लेकिन कोई आवेदक सिर्फ दोपहिया वाहन का परमानेंट डीएल बनवाना चाहता है तो उसे दोबारा टेस्ट के लिए 300 रुपये जमा करना होगा। लर्निंग डीएल को परमानेंट में तब्दील कराने के लिए 1000 रुपये फीस भरनी पड़ती है।