चुनावी साल में वोटर्स को लुभाने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को रिझाने की कोशिश की है। आयोग ने घरेलू और कृषि की बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं है।
वहीं कॉमर्शियल बिजली की दरों में सबसे ज्यादा 7.24 फीसदी वृद्धि की गई है। इसके अलावा ग्रामीण कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 13 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
बुंदेलखंड में टैरिफ 60 रुपए घटाया गया है और रेगुलेटरी सरचार्ज में नियामक आयोग ने कमी की है। इस साल सभी श्रेणी की बिजली दरों में औसतन 3.18 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
समय पर बिजली का बिल जमा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। आयोग ने ऐसे उपभोक्ताओं की छूट बढ़ा दी है। पहले ये छूट 0.25 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 0.50 प्रतिशत हो गई है। यानी पहले से अब दोगुनी छूट मिलेगी।