कार्यक्रम में प्रो. सूर्यकांत का हुआ सम्मान।
लखनऊ। केजीएमयू में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख सूर्यकांत के मुताबिक, साधारण सर्दी-खांसी में सिरप नहीं, सिर्फ भाप लेने की जरूरत होती है। प्रो. सूर्यकांत रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
प्रो. सूर्यकांत ने कहा कि हाल ही में देश के कुछ हिस्सों में खांसी के गलत सिरप के उपयोग के कारण कुछ बच्चों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से देशभर के चिकित्सकों ने खांसी के उपचार और खांसी के सिरप के सही उपयोग को लेकर जन जागरूकता अभियान तथा चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने की पहल शुरू की है।
प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि खांसी का कारण जानने के लिए रोगी का विस्तृत इतिहास और परीक्षण किया जाना चाहिए। खांसी के कारण के अनुसार ही कफ सिरप या अन्य दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ सिरप में खांसी को दबाने वाली और खांसी को बढ़ाकर बलगम निकालने वाली दोनों प्रकार की दवाएं एक साथ मिली होती हैं, जो गलत है। अस्थमा और सांस के रोगियों को खांसी दबाने वाली सिरप नहीं लेनी चाहिए। ऐसे रोगियों को बलगम निकालने और सांस की नलियों को खोलने वाली सिरप लेनी चाहिए। इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लखनऊ की अध्यक्ष डॉ. सरिता सिंह, प्रो. जेडी रावत और सचिव डॉ. संजय सक्सेना मौजूद रहे।