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इस बार भी नहीं हैं डेंगू से निपटने के उपाय, पानी पीने की टंकी में भी मिला लार्वा

Mon, 10 Jul 2017 12:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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Dengue - फोटो : Demo Pic
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हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इस साल डेंगू से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इसी का नतीजा है कि शहर के एक तिहाई अस्पतालों में डेंगू मच्छर के लार्वा पनप रहे हैं। यह सच्चाई रविवार को स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में सामने आई। 
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राजधानी के अस्पतालों से मच्छरजनित रोगों के खिलाफ ड्राई-डे अभियान की शुरुआत हुई। इस दौरान टीम ने 27 अस्पतालों की जांच की। 

इसमें से आठ में डेंगू मच्छर का लार्वा पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए कुल 16 टीमें गठित की गई थीं। यह इन टीमों ने अलग-अलग अस्पतालों में जाकर निरीक्षण किया साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। साथ ही 24 घंटों के अंदर फा्ॅगिंग के भी निर्देश दिए गए। 

इन अस्पतालों की की गई जांच-
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल हजरतगंज, बलरामपुर अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल, वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट, भाऊराव देवरस संयुक्त चिकित्सालय महानगर, 
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लोकबंधु संयुक्त अस्पताल, रानीलक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय, ठाकुरगंज (टीबी) अस्पताल व अबर्न सीएचसी में रेडक्रॉस, सिलवर जुबली, अलीगंज, एनके रोड, चंदरनगर, ऐशबाग, टूरियागंज, इंदिरानगर व राजधानी के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
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इन्हें दिया गया नोटिस

DENGUE
अलीगंज नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लिंब सेंटर केजीएमयू, लोहिया अस्पताल गोमतीनगर, अबर्न सीएचसी सिलवर जुबली, न्यु बीएल हॉस्टल केजीएमयू, 

जीएन मिश्रा हॉस्टल (खदरा) केजीएमयू, महाराज गर्ल्स हॉस्टल केजीएमयू, डीव के हॉस्टल केजीएमयू, छात्रा छात्रावास केजीएमयू, ओल्ड बीएल हॉस्टल केजीएमयू, केजीएमयू वीसी आवास, केजीएमयू वीसी दफ्तर, सरदार पटेल छात्रावास केजीएमयू, नेहरू हॉस्टल केजीएमयू, रेजीडेंट हॉस्टल केजीएमयू।

कहीं मिला गंदगी का ढेर तो कहीं पानी की टंकियो से गायब मिले ढक्कन

टीम को हर अस्पताल में अव्यवस्था देखने को मिली। जिन टंकियों का पानी मरीजों के पीने व इस्तेमाल के लिए सप्लाई किया जा रहा था उन टंकियों पर ढक्कन ही नहीं थे। बलरामपुर अस्पताल में जहां प्राइवेट वार्ड, आर्थो वार्ड, प्रशासनिक भवन व रैन बसेरे से लार्वा पा गए। 

वहीं अस्पताल के प्रशासनिक भवन की टंकी का ढक्कन ही गायब था। वहीं सिविल अस्पताल में चार टंकियों में से तीन पानी की टंकियों के ढक्कन गायब थे। लार्वा के स्रोत बने सिविल अस्पताल की छत पर रखे कबाड़ को भी साफ कराया गया।
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