तिहाड़ जेल में बंद सुब्रत रॉय सहारा की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती जा रही हैं।
सहाराश्री पर एक और परिवाद दर्ज किया गया है।
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भविष्य निधि संगठन द्वारा जांच के लिए बार-बार कागजात मांगने के बावजूद भी प्रपत्र उपलब्ध न कराने के आरोपों को लेकर सहारा इंडिया तथा सुब्रत रॉय सहारा के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है।
सीजेएम सुनील कुमार ने परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 15 मई की तारीख तय की है।
क्यों हुआ परिवाद दर्ज
कोर्ट में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के इनफोर्समेंट अधिकारी कैलाश नारायण त्रिपाठी ने परिवाद दायर कर बताया कि सहारा इंडिया कम्पनी का पीएफ कोड संगठन में पंजीकृत है तथा परिवादी को संगठन के कमिश्नर ने सहारा के कागजात की जांच करने के लिए अधिकृत किया है।
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परिवादी व कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कई बार सहारा को कर्मचारियों की सूची, संगठन में सदस्यों की सूची, वेतन, वेज रजिस्टर, सेटअप इंफॉर्मेशन ऑफ कंपनीज, विधिक स्टेप तथा कर्मचारियों को पीएफ सुविधा उपलब्ध कराने संबंधित कागजात उपलब्ध कराने को कहा, बावजूद इसके सहारा ग्रुप ने जांच के लिए कागजात व दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
चार मार्च से हैं जेल में
निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपये किस तरह लौटाए जाएंगे, इस मसले पर सहारा समूह अभी तक सुप्रीम कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाया है। जमानत पाने के लिए सुब्रत रॉय की कोशिशें अब तक विफल साबित हुई हैं।
सहारा एक भी ऐसा प्रस्ताव पेश नहीं कर सका है, जो कि सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिला सके कि निवेशकों से ली गई मोटी रकम वह सेबी को लौटा देगा।
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सुब्रत रॉय चार मार्च से तिहाड़ जेल में हैं। इस दौरान सहारा ने जो भी प्रस्ताव दिए, उसे न्यायालय ने नकार दिया।