ऑक्सीजन का संकट बढ़ा को मेकवेल और मेयो अस्पताल की ओर से तीमारदारों के लिए एक नोटिस लगा दिया गया। इसमें कहा गया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हैं। ऐसे में परिजन उन मरीजों को अन्य संस्थानों में ले जाएं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। यह नोटिस देखते ही तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन की आपूर्ति करवाई।
शुक्र है, नहीं गई किसी की जान
ऑक्सीजन न होने पर अस्पताल प्रशासन के इलाज से इनकार करने पर अफरातफरी मच गई। इस पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों संस्थानों में सिलेंडर की खेप भेजवाई। इसके बाद मरीजों व तीमारदारों ने राहत की सांस ली। निजी अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की जान नहीं गई है। सिलेंडर की एक खेप आने से 24 घंटे तक निर्बाध आपूर्ति रहेगी। अफसरों ने बाकी खेप भी भेजने की बात कही है। सीएमओ डॉ. संजय का कहना है कि तीनों अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंच गई है। किसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
चरक अस्पताल में भी देर रात संकट
चरक अस्पताल में भी बुधवार को ऑक्सीजन का संकट आ गया। डायरेक्टर प्रदीप सिंह के मुताबिक अस्पताल में 39 मरीज भर्ती हैं। इनके लिए 30 सिलेंडर भेजे गए हैं, जो नाकाफी हैं। यहां दो मरीजों की मौत भी हो गई। अस्पताल का कहना है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई हैं। इनकी हालत बेहद गंभीर थी।
प्राइड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन खत्म
गोमतीनगर के विशेष खंड स्थित प्राइड हॉस्पिटल में बुधवार शाम ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म हो गया। इस पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए और तीमारदारों से ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा। मुंशीपुलिया निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उनकी मां कोविड निगेटिव हैं, पर उनकी हालत गंभीर है। ऐसे में अब उन्हें लेकर कहां जाएं। इस अस्पताल में 12 मरीज ऑक्सीजन पर हैं और सबके तीमारदार ऑक्सीजन खत्म होने से परेशान हैं।