प्रवेंद्र गुप्ता
नगर निगम में मृतक आश्रितों की भर्ती को लेकर चल रही सख्ती के बाद अब नई पक्की नौकरियों की उम्मीद धुंधली पड़ गई है।
बीते साल निगम की सीमा में 88 नए गांव आने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि करीब दो हजार भर्तियां होंगी।
इसे लेकर अन्य शिक्षित युवाओं संग हजारों वे कर्मचारी पक्की नौकरी की आस लगाए थे, जो सालों से आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिये निगम में काम कर रहे हैं, पर अब इनकी उम्मीदों का झटका लगा है।
हाल यह है कि निगम प्रशासन मृतक आश्रितों की ही भर्ती करने के लिए पूरी तरह से तैैयार नहीं है। उसका साफ कहना है कि जो कर्मचारी हैं, उन्हें ही वेतन-पेंशन नहीं दे पा रहा है।
ऐसे में और कर्मचारी कैसे नियुक्त कर लें। जरूरत होगी तो आउटसोर्सिंग एजेंसियों से कर्मचारी रखे जाएंगे।
मृतक आश्रितों को भी उसी के तहत योग्यता के आधार पर नियुक्त किया जा सकता है। इसके बाद से प्रशासन और कर्मचारियों के बीच विवाद चल रहा है।
कर्मचारियों की कमी की समस्या बढ़ेगी
नगर निगम कर्मचारी संघ के संरक्षक मो. अकील, कर्मचारी नेता आनंद वर्मा, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के नेता किश्नचंद उपाध्याय का कहना है जब निगम का दायरा बढ़ा है तो कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है। नए आने से पहले नगर निगम में 124 गांव थे। वहां भी कर्मचारियों की कमी से आउटसोर्सिंग के कर्मचारी सफाई व अन्य कामों के लिए लगाए गए थे। अब 88 गांव और बढ़ने के बाद कर्मचारियों की कमी की समस्या गहरा जाएगी। पार्षद गिरीश मिश्रा, पार्षद राजकुमार सिंह राजा, ममता चौधरी, यावर हुसैन रेशू का कहना है कि अभी ही कर्मचारी कम हैं, जिससे आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके चलते आए दिन समस्या होती है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से नियमित कर्मचारी भर्ती किए जाएं।
किसी विभाग में नहीं हैं पूरे कर्मचारी
नगर निगम के किसी विभाग में पूरे कर्मचारी नहीं हैं। नए गांवों को शामिल न करें तो भी दस हजार सफाई कर्मचारी चाहिए, पर तीन हजार ही नियमित हैं। कार्यदायी संस्था से करीब सात हजार कर्मचारी लगाए गए हैं। इसी तरह मार्ग प्रकाश, कचरा निस्तारण, उद्यान व चालक के दो हजार से अधिक पद खाली हैं।
भर्ती को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि सीमा विस्तार के बाद कर्मचारियों की आवश्यकता तो पड़ेगी, लेकिन भर्ती को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है। नई भर्ती तो अभी कहीं नहीं हो रही है तो यहां कैसे कर सकते हैं। अभी तो यही योजना है कि जरूरत के हिसाब से आउटसोर्सिंग एजेंसी से योग्य कर्मचारी रखे जाएंगे।