राजधानी में एक मंत्री के रिश्तेदार पिछले करीब 10 दिनों से बिजली कनेक्शन लेने के लिए भटक रहे हैं। वृंदावन उपकेंद्र के अवर अभियंता राकेश शुक्ला ने आवेदक सत्येंद्र कुमार सिंह निवासी एल्डिको का ऑनलाइन आवेदन बिना जांच बिजली बिल बकाया होने का दावा करते हुए निरस्त कर दिया। हालांकि उस वक्त अवर अभियंता को आवेदक के मंत्री का रिश्तेदार होने की जानकारी नहीं थी।
सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने एल्डिको-दो में एक पुराना मकान खरीदा था, जिसके मालिक बंगलुरू में रहते हैं। मकान मालिक ने उसका बिल भुगतान करने के बाद परमानेंट डिस्कनेक्शन भी करा दिया था। लेकिन पीडी का प्रमाण पत्र वह मकान की रजिस्ट्री के बाद उनसे नहीं ले सके। बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई किया तो अवर अभियंता ने मकान पर बिल बकाया होने का दावा कर दिया। सत्येंद्र ने बताया कि एसडीओ अंकित द्विवेदी से मोबाइल पर बात कर आश्वासन दिया कि कोई पूर्व का बकाया भी होगा तो हम उसका भुगतान कर देंगे। मगर एसडीओ रोज उनके कर्मचारी को बुलातीं और पूरे दिन बैठाने के बाद वापस कर देती थीं। तब इस मामले की शिकायत अधिशासी अभियंता बृजमोहन सिंह से की और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया। इसके बाद अवर अभियंता ने रविवार को बिजली कनेक्शन देने के लिए उनको उपकेंद्र पर बुलाया, हालांकि वे नहीं गए।
...तो खुद ही अप्लाई कर दिया
एसडीओ अंकित द्विवेदी और अवर अभियंता राकेश शुक्ला को जब पता चला कि बिजली कनेक्शन मांगने वाला आवेदक एक मंत्री का रिश्तेदार है तो उन्होंने निरस्त ऑनलाइन आवेदन की जगह दोबारा खुद ही नया आवेदन कर दिया और उपभोक्ता से पासवर्ड मांग कर प्रक्रिया शुरू कर दी।
कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू कराई
अवर अभियंता राकेश शुक्ला द्वारा आवेदन निरस्त करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसके बाद दोबारा से ऑनलाइन आवेदन करा बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
- ब्रजमोहन, अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय वितरण खंड वृंदावन, लेसा सिस गोमती