संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना व सीएम योगी
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यूपी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में शराबबंदी नहीं लागू होगी। अगर ऐसा होता है तो सरकार को भारी नुकसान होगा। आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह ने विधानसभा में कहा, शराब के उपभोग पर पाबंदी लगाए जाने से अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे व्यापक जनहानि की आशंका रहती है।
उन्होंने कहा, जनहित और राजस्व हित में प्रदेश में शराबबंदी लागू किया जाना उचित नहीं है।
इसी मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी पार्टी बुनियादी तौर पर शराब व नशे के खिलाफ है। दुनिया में सर्वाधिक नफरत हम नशे व शराब से करते हैं, लेकिन राजस्व हित में शराबबंदी नहीं कर रहे हैं। शराबबंदी का एक नुकसान यह है कि नकली शराब बननी शुरू हो जाती है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि शराब का चलन व अपराध बढ़े हैं तो इसकी सर्वाधिक जिम्मेदारी उन्हीं की है। पिछले 10 वर्षों में कानून व्यवस्था इतनी खराब कर दी कि उसे सुधारने में वक्त लग रहा है। कांग्रेस ने लंबे वक्त सत्ता चलाई, लेकिन संस्कार नहीं दिए।