लखनऊ के गोर्साइंगंज इलाके में एक बिगड़ैल युवक ने दिव्यांग पिता के खाते में जमा 20 लाख रुपये व करोड़ों की जमीन के लालच में अपनी मां, उसके प्रेमी और अपनी प्रेमिका के पति के साथ मिलकर साजिश रची।
उसे बहाने से बुलाकर शराब पिलाई। नशे में धुत होने पर बाइक से सैर कराई और रात होने पर गला दबाने के बाद नहर में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या आरोपी बेटे को दोनों साथियों समेत गिरफ्तार किया है। दिव्यांग की हत्या की साजिश में शामिल पत्नी की तलाश जारी है।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि गोसाईंगंज के बरकतनगर भट्ठी निवासी दिव्यांग संतोष कुमार लोधी की हत्या करके शव नहर में फेंकने के मामले में उसके बेटे मोहित कुमार, उसकी प्रेमिका के पति संजय कुमार और मां के प्रेमी लक्ष्मीनारायण को गिरफ्तार किया गया है।
संतोष की हत्या की साजिश में शामिल पत्नी प्रमिला की तलाश जारी है। हत्या के एक मामले में जेल जा चुके मोहनलालगंज के गांव अतरौली निवासी संजय कुमार ने फर्जी आईडी से सिमकार्ड के साथ एक मोबाइल खरीदा था।
ऐसे अंजाम दी वारदात
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तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद एसओ गोसाईंगंज बलवंत शाही ने बताया कि मोहित, संजय और लक्ष्मीनारायण आठ जुलाई को काले बीरबाबा मंदिर के पास एकत्र हुए और संजय ने नए नंबर से संतोष को कॉल करके बुलाया।
वहां से चारों लोगों ने एक स्थान पर जाकर शराब पी। नशे में धुत होने पर शाम को मोहित ने अपनी बाइक पर बीच में पिता संतोष और पीछे लक्ष्मीनारायण को बैठाया।
उसे मोहनलालगंज से निगोहां होते हुए बछरावां के रास्ते शिवगढ़ और अचली खेड़ा तक सैर कराई। रात को आवागमन थमने पर मोहित ने नहर किनारे बाइक रोकी। लक्ष्मीनारायण की मदद से पिता का गला दबाया और बेहोशी की हालत में संतोष को नहर में फेंककर आरोपी अपने घर लौट गए।
बेटी ने दर्ज कराई गुमशुदगी
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- फोटो : डेमो पिक
दिव्यांग संतोष के रातभर घर न लौटने और मोबाइल फोन बंद होने से परेशान नाबालिग बेटी रोशनी ने छोटे भाई अमृत व रामजीत की मदद से संतोष की तलाश शुरू की।
चार दिन तक कुछ पता न चलने पर 13 जुलाई को गोर्साइंगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। विवेचक राजवंत सिंह को बताया कि मां प्रमिला कुछ दिनों से गांव के ही लक्ष्मीनारायण के साथ रह रही हैं और बड़ा भाई मोहित बुआ के घर रहता है।
वह विगत दिनों अतरौली के संजय कुमार की पत्नी को भगा ले गया था। इसके बाद लौटा तो संजय कुमार ने रेप का केस दर्ज कराने की पिता को धमकी दी थी। बेटे को बचाने के लिए उन्होंने समझौते की पेशकश की।
पांच लाख में डील हुई और संजय कुमार दो लाख ले चुका था। दो दिन बाद 15 जुलाई को शिवगढ़ माइनर में दिव्यांग का शव मिलने की सूचना पर रोशनी ने पुलिस के साथ मौके पर जाकर शिनाख्त की थी।
पत्नी-बेटे को खटकता था भांजे से तालमेल हत्थे चढ़े मोहित ने कुबूला कि संतोष अपने भांजे के साथ मिलकर प्रॉपर्टी का काम कर रहे थे। उस अक्सर मोटी रकम देते थे। कुछ दिनों पहले 85 लाख रुपये में जमीन का सौदा किया और एडवांस मिले 20 लाख रुपये अपने खाते में जमा कर रखे थे। उसके अन्य भाई-बहन नाबालिग हैं। इसके चलते मां के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पूरी रकम हड़पने का इरादा था।