इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दरोगा भर्ती 2016 में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर 30 मार्च तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने बुधवार को यह आदेश मनीष कुमार यादव समेत सैकड़ों फेल हुए अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया।
याचियों के अधिवक्ता रजत राजन सिंह के मुताबिक दरोगा के 2400, प्लाटून कमांडर के 210 व अग्निशमन अधिकारी के 97 पदों (कुल 2707 पदों) पर भर्ती की लिखित परीक्षा में 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
याची अभ्यर्थियों ने लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन गत 24 फरवरी को जो चयन सूची जारी हुई, उसमें याचियों समेत हजारों अभ्यर्थी फेल घोषित कर दिए गए, जबकि पहले फेल घोषित अभ्यर्थी पास हो गए। परीक्षा में अभ्यर्थियों को मिले अंकों के सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) और परसेंटाइल के आधार पर अंतिम रिजल्ट तैयार किए जाने की वजह से ऐसा हुआ।
याचियों के वकील की दलील थी कि संबंधित नियमावली में परसेंटाइल व सामान्यीकरण का प्रावधान नहीं है। इसे बाद में बदला नहीं जा सकता। इसी वजह से याची अभ्यर्थी फेल हो गए। याचियों ने इसे चुनौती देते हुए अदालत से अंतिम चयन सूची रद्द किए जाने और सामान्यीकरण की प्रक्रिया के बगैर परिणाम घोषित कराए जाने का आग्रह किया है।
उधर, राज्य सरकार की तरफ से याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा गया कि सामान्यीकरण करने से पहले नोटिस निकाला गया था। चूंकि 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी थे, इसलिए सामान्यीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई।
याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश पारित करने की तारीख 30 मार्च नियत की और कहा कि तब तक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाएगा।