परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली यूनिफॉर्म में अब किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं चलेगी। स्कूल प्रबंध समिति की देखरेख में इसे 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक बांटा जाएगा।
बच्चों को यूनिफॉर्म देने से पहले इसके कपड़े की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा। इसे पहले धुलकर देखा जाएगा कि कहीं इसका रंग तो नहीं उतर रहा है।
इसके बाद ही छात्र-छात्राओं की नाप का यूनिफॉर्म सिलवाकर उन्हें दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने गुणवत्तायुक्त यूनिफॉर्म देने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसे बांटने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंध समिति की होगी। यूनिफॉर्म लेने के लिए स्कूल की प्रबंध समिति चार सदस्यों की क्रय समिति बनाएगी।
इसमें प्रबंध समिति का अध्यक्ष, संबंधित स्कूल का प्रधानाध्यापक, प्रबंधन समिति का एक सदस्य तथा एक अभिभावक शामिल होगा। 20 हजार या उससे अधिक का यूनिफॉर्म लेने के लिए कोटेशन प्राप्त किए जाएंगे।
एक लाख या उससे अधिक का यूनिफॉर्म लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कोटेशन लेने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इसके लिए स्कूल, पंचायत भवन, ब्लाक संसाधन केंद्र व प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर नोटिस चस्पा की जाएगी।
कोटेशन या टेंडर के साथ दिए जाने वाले यूनिफॉर्म का एक सैंपल भी लिया जाएगा। गुणवत्ता की जांच परख के बाद ही इसे बांटा जाएगा।
इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ बच्चों के माता-पिता भी उपस्थित रहेंगे। वितरण को लेकर किसी शिकायत के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।