नोएडा में हुए करोड़ों रुपये के ऑनलाइन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बालीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ शुरुआती जांच में कोई सबूत नहीं मिले हैं। जिसके बाद ईडी जांच बंद करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार नवाजुद्दीन की कंपनी से जो दस्तावेज मांगे गए थे, वह सब पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे। इन दस्तावेजों से किसी घोटाले में शामिल होने के सुबूत नहीं मिले हैं। इस बारे में नवाजुद्दीन के भाई शम्स सिद्दीकी का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय ने जो भी जानकारी मांगी थी, वह सब दे दी गई थी।
जांच के दौरान नवाजुद्दीन के भाई और उनके वकील प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। इन लोगों ने करार से संबंधित सारे दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। निदेशालय ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि इसमें नवाजुद्दीन की ओर से किसी तरह की धोखाधड़ी नहीं की गई है। इसके बाद अब ईडी ने इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय किया है।
यह था मामला
नोएडा में 500 करोड़ रुपये का ऑनलाइन घोटाला करने वाली कंपनी वेबवर्क्स के साथ नवाजुद्दीन का नाम जुड़ा था। उन्होंने इस कंपनी का प्रचार किया था। इसके बदले उनके खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में ईडी ने नवाजुद्दीन को नोटिस दिया था लेकिन उनके बजाय उनके भाई और वकील ईडी के दफ्तर पहुंचे थे।