नोडल एजेंसी एलडीए इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने वाला है। हुसैनाबाद हेरिटेज जोन को विकसित करने के लिए सरकार करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
इसके सुंदरीकरण को तब तक अधूरा माना जा रहा है, जब तक यहां संरक्षण की कोई योजना न हो।
इसे देखते हुए पुरातत्व और पर्यटन विशेषज्ञ आगरा की तरह टीले वाली मस्जिद से छोटे इमामबाड़े तक सड़क को नो मोटर ह्वीकल जोन बनाने की सलाह दे चुके हैं।
हजरतगंज के नए स्वरूप को डिजाइन करने वाले हेरिटेज ऑर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव भी लंबे समय से ईमामबाड़े से लेकर छोटे ईमामबाडे़ तक हेरिटेज जोन की मांग करते रहे हैं।