लखनऊ। अमराई गांव में देसी शराब के ठेके के विरोध में स्थानीय लोगों का प्रदर्शन जारी है। आबकारी विभाग के अफसरों के खिलाफ भी आक्रोश है, क्योंकि आबकारी विभाग की जांच में दावा किया गया है कि दुकान के पास जहां मंदिर और कोचिंग बताई गई है, संबंधित लोग उसके दस्तावेज नहीं दे सके। विभाग ने मंदिर को शराब की दुकान से 200 मीटर दूर बताया है और दुकान का सही आवंटन करने का दावा किया है।
बीते महीने शराब की दुकानों के लिए लॉटरी हुई थी, जिसके तहत अमराई गांव में भी देसी शराब का एक ठेका खोला गया था। ठेका खुलने के विरोध में ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया था। आरोप लगाया था कि दुकान के पास ही मंदिर और कोचिंग है। नियमों के विरुद्ध ठेका खोला गया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने जांच की। जांच में बताया कि ठेके के पास स्थानीय निवासी अभिषेक जायसवाल के घर के गेट पर एक लघु रूप में निर्मित मंदिर है। उनसे मंदिर संबंधी दस्तावेज मांगे गए, जो वह पेश नहीं कर सके। वहीं, कोचिंग संचालक भी कोई कागजात नहीं दिखा सके। जांच में वहां पर खोली दुकान को सही ठहराया गया।
इस पर भारतीय किसान यूनियन व स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंदिर मंदिर होता है। छोटे और बड़े मंदिर का हवाला देना गलत है। इसलिए ठेका शिफ्ट किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे।
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शिफ्ट होगा ठेका
इधर, लोगों के आक्रोश को देखते हुए आबकारी विभाग ने दुकान संचालक के साथ मिलकर निर्णय लिया है कि दुकान कुछ दूर पर शिफ्ट की जाएगी, मगर इसमें थोड़ा समय लगेगा।