अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार की ओर से सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए दी जाने वाली पांच एकड़ जमीन का कोई दावेदार नहीं है। अयोध्या के जिलाधिकारी ने वक्फ बोर्ड को भेजी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि जमीन पूरी तरह गैर विवादित है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रदेश सरकार ने अयोध्या के ग्राम धन्नीपुर सोहावल रौनाही में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देने का फैसला किया। इसके बाद उस जमीन पर कई दावेदारों के सामने आने की खबरें आने से विवाद खड़ा हो गया था। इस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैयद मोहम्मद शुऐब ने बताया कि अयोध्या के डीएम ने साफ कर दिया है कि चिह्नित जमीन पर कोई विवाद नहीं है, उसका मालिकाना हक प्रदेश सरकार का है। मोहम्मद शुऐब ने कहा कि 24 फरवरी को बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। इसमें सदस्यों से चर्चा कर जमीन लेने पर निर्णय किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार मस्जिद के लिए चिह्नित जमीन पांच गाटा में है। इसका खसरा नंबर 100, 104, 105, 110 व 111 है। सभी गाटा की जमीनें एक-दूसरे से सटी हैं। इसके आसपास कई विवादित जमीनें हैं। जमीन पहचान करने में किसी चूक की वजह से इसके विवादित होने की बात फैली थी।