लखनऊ । हाईकोर्ट ने गोमतीनगर के भरवारा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी अनुमति के बिना अधिगृहीत जमीन का मुआवजा नहीं बांटा जाएगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश स्वामी सत्यप्रकाश वेद विज्ञान सेवा समिति की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में ओवरब्रिज का निर्माण जनहित में जल्द पूरा कराने का आग्रह किया गया है। इस मामले के साथ चार अन्य याचिकाएं भी संबद्ध हैं। पहले, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया था कि जिलाधिकारी ने एक समिति बनाई है। यह समिति जमीन अधिग्रहण से होने वाले विस्थापन का आकलन करेगी। इस प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह लग सकते हैं। अदालत ने कहा था कि इस अवधि के पहले अवार्ड नहीं दिया जाएगा।
अदालत ने इस पर आश्चर्य जताया था कि यह प्रक्रिया अब इस स्तर पर पूरी की जाएगी। कोर्ट ने कहा था कि वह इसके असर का परीक्षण करेगी। वह अन्य मुद्दों को भी देखेगी। दरअसल, इससे पहले हाईकोर्ट ने ओवरब्रिज निर्माण में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने लखनऊ के जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी (भू अर्जन) को सुनवाई के समय वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश होने का आदेश दिया था।