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Lucknow News: न सीसीटीवी, न सुरक्षा के इंतजाम, भगवान भरोसे स्कूली बच्चे

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स्कूली वैन।
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केस 1ः हजरतगंज स्थित क्राइस्ट चर्च स्कूल के बाहर स्कूली वैन संख्या यूपी 32 सीजेड 9347 की लाइटें टूटी थीं। डैशबोर्ड क्षतिग्रस्त था। अग्निशमन यंत्र नहीं था और छत उखड़ी थी, जिसकी टिन दिख रही थी। वैन में सीसीटीवी तो दूर, सुरक्षा के आम इंतजाम भी मौजूद नहीं थे।
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केस 2ः लामार्ट कॉलेज के बाहर खड़ी स्कूली वैन यूपी 32 एफएक्स 6897 की विंड स्क्रीन चिटकी हुई मिली। यहां खड़ी अन्य वैनों में अग्निशमन यंत्र नहीं थे। टायर घिसे हुए पाए गए। सीसीटीवी व जीपीएस नहीं था।
लखनऊ। छतें उखड़ी हुईं। टायर घिसे हुए। न अग्निशमन यंत्र, न सीसीटीवी। खिड़कियों पर ग्रिल भी नहीं। बच्चों के बैठने की जगह ठूंसकर रखे गए स्कूली बैग...। स्कूली वैनों का यही हाल है। ऐसे में बच्चों का सफर भगवान भरोसे ही है।
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स्कूली वैनों की यह स्थिति तब है, जब हाल ही में परिवहन विभाग की ओर से पंद्रह दिनों तक चेकिंग अभियान चलाया गया। परिवहन आयुक्त बीएन सिंह के निर्देश पर लखनऊ सहित प्रदेश भर में अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ पहली जुलाई से अभियान शुरू किया गया। अफसरों ने तत्परता व सतर्कता दिखाते हुए कार्रवाइयां भी कीं, लेकिन स्कूली वैन संचालकों की लापरवाही बरकरार है। अधिकारियों ने पंद्रह दिवसीय अभियान के दौरान 415 वाहनों का चालान किया। 117 सीज किए गए। बता दें कि लखनऊ में 1742 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 1616 वाहनों की जांच की गई। 279 मानक विहीन पाए गए। 141 की फिटनेस खत्म हो गई थी, लेकिन सवाल यह है कि चेकिंग अभियान के बाद भी यह स्थिति है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

300 स्कूलों को नोटिस
परिवहन विभाग की ओर से लखनऊ के 300 स्कूलों को हाल ही में नोटिस जारी किया गया है, जिसमें स्कूली वाहनों में सुरक्षा के इंतजाम व फिटनेस करवाने को कहा गया है। इसके लिए उन्हें एक महीने की मियाद दी गई है। अगस्त में इस बाबत स्कूलों से पूछताछ की जाएगी।

डीएम ने दिए थे उम्रदराज वाहनों को हटाने के निर्देश
चार जुलाई को डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद कई निर्देश दिए गए थे, जिन पर तेजी से अमल नहीं किया जा रहा है। मसलन, स्कूलों को दस दिन का समय दिया गया था कि वाहनों की फिटनेस करवा लें, लेकिन यह सुस्त गति से चल रहा है। वहीं, अफसरों को निर्देशित किया था कि पंद्रह वर्ष उम्र पूरी कर चुके वाहनों को हटाने के लिए स्कूलों में जाएं और कार्रवाई करें। इस पर भी तीव्रता से अमल नहीं हो रहा है।

मिशन भरोसा पर दर्ज हो विवरण
मिशन भरोसा पोर्टल पर 355 स्कूल, 5184 वाहन और 2465 वाहन चालकों को भी पंजीकृत किया जा चुका है। पोर्टल पर पंजीकृत सभी चालकों का चरित्र सत्यापन कराते हुए उनको आईकार्ड जारी किए गए। वाहनों के फिटनेस व परमिट से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण भी किया गया। ऐसे में डीएम ने ज्यादा से ज्यादा विवरण पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।

Iस्कूली वाहनों के खिलाफ पहली जुलाई से चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत लखनऊ सहित प्रदेश भर में अच्छी कार्रवाई की गई। ऐसे अभियान समय-समय पर फिर से चलाए जाएंगे, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता न हो। I
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I-बीएन सिंह, परिवहन आयुक्तI

स्कूली वैन।

स्कूली वैन।

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