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बिहार के सीएम नीतीश यूपी में करेंगे चार रैलियां, ये होंगी जगहें

Mon, 21 Mar 2016 02:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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नीतीश कुमार
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जनता दल (यू), राष्ट्रीय लोकदल और झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का भले ही अभी विलय न हुआ हो लेकिन पहले चरण में नए दल की चार रैलियां तय हो गई हैं।
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मेरठ, लखीमपुर, बस्ती और वाराणसी में होने वाली इन रैलियों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और शरद यादव आदि संबोधित करेंगे।

रालोद का पश्चिमी यूपी, जदयू का बिहार और झारखंड विकास मोर्चा का झारखंड में प्रभाव है। अलग-अलग क्षेत्रों में आधार रखने वाले ये तीनों दल विलय करके नई पार्टी के गठन पर सहमत हो गए हैं।
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तीन-चार दौर की बातचीत के बाद नए दल के स्वरूप पर भी चर्चा हो चुकी है। इसका औपचारिक एलान इसी माह के अंत तक होने की संभावना है। नए दल में शरद यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष और चौधरी अजित सिंह को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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इन वोटों पर है इनकी नजर

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : getty images
मरांडी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और केसी त्यागी प्रमुख महासचिव हो सकते हैं। दल के आकार लेने से पहले ही इसके आधार को विस्तार देने की तैयारियां पूरी हो गई हैं।

नए दल के सूत्रधारों की सर्वाधिक नजर पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और कमजोर तबके के वोटों पर है। किसानों, खासतौर से जाट, कुर्मी और अन्य पिछड़ी जातियों को जोड़ने की योजना है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में चार रैलियां निर्धारित की गई हैं। जदयू के महासचिव व सांसद के सी त्यागी ने टेलीफोन पर बताया कि पहले चरण में मेरठ, लखीमपुर खीरी, बस्ती और वाराणसी में रैलियां की जाएंगी। इनमें सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। रैलियों की वैकल्पिक तिथियों को लेकर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है।

तीनों दलों के विलय के बाद इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। रैलियों के लिए जगह का चयन सोच समझकर किया गया है। इन जिलों में मुसलमानों के साथ ही जाट या कुर्मी वोटरों की अच्छी तादाद है।

 

जयंत चौधरी होंगे पश्चिमी यूपी में पार्टी का चेहरा

जयंत चौधरी - फोटो : getty images
नए दल में पूर्व सांसद और युवा नेता जयंत चौधरी को प्रदेश, खासतौर से वेस्ट यूपी में पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश किया जाएगा। उन्हें 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। उन्हें बागपत जिले की छपरौली या मथुरा की मांट सीट से मैदान में उतारा जा सकता है।

बागपत चौधरी अजित सिंह और मथुरा जयंत चौधरी का संसदीय क्षेत्र रहा है। ये दोनों सीट जाट बहुल है। 2012 में जयंत मांट से चुनाव जीते थे लेकिन बाद में इस्तीफा दे दिया था।

प्रदेश की राजनीति में सक्रिय करने के लिए जयंत को दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट करने की भी तैयारी है। इस बारे में जल्द फैसला हो सकता है।
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कांग्रेस से गठबंधन का विकल्प खुला

राहुल गांधी - फोटो : amar ujala
केसी त्यागी ने संकेत दिए कि नए दल के कांग्रेस से गठबंधन के विकल्प खुले रहेंगे। कांग्रेस नेताओं से इस बाबत प्रारंभिक बातचीत हुई है। योजना प्रदेश में राजनीतिक विकल्प पेश करने की है।

त्यागी ने कहा, यह विकल्प चौधरी चरण सिंह के फॉर्मूले से ही संभव है। यूपी, बिहार और झारखंड के बाद हरियाणा और राजस्थान में नए दल का विस्तार किया जाएगा।
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