गुडंबा। केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट (एएनएस) पवन कुमार गर्ग (42) और उनके सहयोगी सचिन विश्वकर्मा की हत्या की साजिश में गिरफ्तार मास्टरमाइंड नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू महाराज की इटौंजा टोल प्लाजा पर दबंगई भी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, नितिन की गाड़ी से टोल नहीं लिया जाता था। टोलकर्मी उसके नाम की इंट्री कर वाहन को जाने देते थे। पुलिस का कहना है कि नितिन कई बार टोलकर्मियों से मारपीट भी कर चुका था।
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा के मुताबिक, 27 सितंबर की रात भिठाैली क्रॉसिंग पर पवन और सचिन की मुलाकात नितिन से हुई थी। इसके बाद नितिन और अवनीश मौर्या पवन की ब्रेजा में बैठ गए, जबकि प्रकाश सिंह, सूरज सिंह और मोहित सिंह दूसरी कार से पीछे चल रहे थे। दोनों वाहन इटौंजा टोल प्लाजा से बिना टोल दिए निकल गए। टोल की इंट्री और सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने गाड़ियों की पहचान की और आरोपियों तक पहुंची।
30 सितंबर की पार्टी का दिया था झांसा, 27 को बुलाया
सचिन के भाई कुलदीप विश्वकर्मा के मुताबिक, पवन ने नितिन का मेडिकल कॉलेज से जुड़ा काम कराया था। इसके बदले नितिन ने 30 सितंबर को पार्टी देने की बात कही थी। आरोप है कि उसने 27 सितंबर को ही पवन को बुला लिया। पवन अपने साथ सचिन को लेकर निकले थे। भिठाैली के बाद आरोपियों ने दोनों के साथ शराब पी। इसके बाद दोनों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी।
घाघरा में कई घंटे तलाश, शव नहीं मिले
पवन और सचिन के शवों की तलाश में शनिवार को भी मड़ियांव पुलिस और एसडीआरएफ ने सीतापुर के चहलारी घाट पर अभियान चलाया। स्टीमर की मदद से घाघरा नदी में कई घंटे तक संभावित स्थानों पर तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, नदी में थंडरिंग भी कराई गई लेकिन दोनों शव नहीं मिले।
पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने शवों को किसी भारी वस्तु से बांधकर नदी में फेंका है। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार शवों की तलाश कर रही हैं। नदी के अलावा आसपास के संभावित स्थानों पर भी निगरानी की जा रही है।
पवन कुमार गर्ग की फाइल फोटो।
पवन कुमार गर्ग की फाइल फोटो।
पवन कुमार गर्ग की फाइल फोटो।
पवन कुमार गर्ग की फाइल फोटो।
पवन कुमार गर्ग की फाइल फोटो।